ये तीनो मिलकर बिगाड़ सकते चुनावी खेल, भाजपा के लिए …

इस बार के लोकसभा चुनाव में यूपी का अहम रोल होने वाला है. कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता यूपी से हो कर गुजरता है. वहीँ इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में बड़ी जीत हासिल हुई थी , जिसकी बदौलत वह पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने में कामयाब रही और मोदी बने गए पीएम.

1. लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट

ऐसे में अब भाजपा को एक बार फिर से यूपी का सहारा है लेकिन इस बार भाजपा को यहाँ पर कई मुस्लिम चेहरे चुनौती दे रहे हैं. इसमें से पहला नाम है है ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के चीफ और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का. बता दें कि इन दिनों असदुद्दीन ओवैसी अपनी पार्टी का विस्तार दुसरे राज्यों में भी करना चाहते हैं. पिछली बार उन्होंने यूपी विधानसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारा था लेकिन कामयाब नहीं हो पाए थे.

2. मुस्लिम वोटों पर नज़र

ऐसे में अब वह एक बार फिर से यूपी में किस्मत आजमा सकते हैं. उन्होंने यूपी में सौ जनसभा करने का ऐलान किया है. वहीँ इसमें दूसरा नाम है अतीक अहमद का. इलाहाबद में अतीक अहमद की तूती बोलती है. फ़िलहाल अतीक अहमद ने पिछली बार निर्दल प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था.

3. इन मुस्लिम नेताओं का रुझान

वहीँ तीसरा नाम है बाहुबली मुख्तार अंसारी का, जो फिलहाल बसपा में हैं. फिलहाल उनके बेटे अब्बास अंसारी ने मुस्लिम सयुवाओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं. माना जा रहा है कि अगर यह तीन नेता यूपी चुनाव के मद्देनज़र बनने वाले महागठबंधन में शामिल हो जाते हैं तो ज़ाहिर तौर पर मुस्लिम समाज के वोट गठबंधन को मिल जायेंगे.

वहीँ कहा यह भी जा रहा है कि इन नेताओं की वजह से वोटों का धुरिविकरण भी हो सकता है. क्योंकि यह नेता किसी पार्टी की तरफ जाते हैं तो हिन्दू वोटों का भाजपा में ध्रुवीकरण आसानी से हो जायेगा.

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