तेलंगाना चुनाव में ओवैसी के खिलाफ भाजपा उतार सकती है इस दिग्गज मुस्लिम महिला को…

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम के चीफ और हैदराबाद के सांसद असुद्दीन ओवैसी बीते कुछ सालों में सियासत के राष्ट्रीय सियासत के फलक पर तेज़ी से उभरे हैं और मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद एक तरफ जहाँ देश के मुसलमानों के साथ हिंसा शुरू हुई तो दूसरी तरफ इन मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले असुद्दीन ओवैसी की लोकप्रियता में तेज़ी से इजाफा हुआ है.

1. पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं ओवैसी

असुद्दीन ओवैसी को अब ऐसे राष्ट्रीय नेता के तौर पर जाना जाता है जो देश के दलितों और मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ उठाते हैं. हालाँकि अब अपनी बढ़ती लोकप्रियता के साथ साथ असुद्दीन ओवैसी दुसरे राज्यों में भी अपनी पार्टी के लिए सियासी ज़मीन तलाश रहे हैं. असुद्दीन ओवैसी अपनी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम का विस्तार करना चाहते हैं.

2. अपने ही गढ़ में मिली चुनौती

हालाँकि अब भाजपा ने उन्हें रोकने के लिए नई रणनीति अपनाई है. दरअसल असुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई चन्द्रायणगुट्टा विधानसभा सीट से विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. हालाँकि यह अलग बात है कि वह अपने विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं. अब भाजपा ने अकबरुद्दीन ओवैसी को रोकने के लिए एक मुस्लिम महिला को उतारा है. एबीवीपी की तेज़ तर्रार नेता माने जाने वाली सैयदा शहजादी इस बार चन्द्रायणगुट्टा विधानसभा सीट से अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ भाजपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकती हैं.

3. मुस्लिम महिला को उतारेगी भाजपा

बता दें कि सैयदा शहजादी आरएसएस प्रचारक के तौर पर पहचानी जाती है और खुलकर संघ के एजंडे कसा समर्थन करती हैं. उन्होंने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है. कहा जा रहा है कि भाजपा में शामिल होने का उनका मकसद विधानसभा चुनाव लड़ना है. अब कयास लगाया जा रहा है कि भाजपा उन्हें ओवैसी के खिलाफ मैदान में उतार सकती है. इसके अलावा शहजादी ओवैसी का अक्सर विरोध करती हुई पाई जाती हैं.

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