How To Stop Overthinking Yourself | By Sandeep Maheshwari In Hindi

Stop Overthinking Yourself – आजकल हर कोई किसी भी बात को लेकर ोवार्थिनींग करने लगता है लेकिन कुछ लोग अपनी ओवर थिंकिंग से परेशान हो जाते हैं. और इसी वजह से वह छोटी-छोटी बातों पर भी वह ओवर रियेक्ट करने लगते हैं लेकिन क्या ओवर थिंकिंग करना सही है?

So many Peoples Ask that Question How Overthinking Yourself ? Overthinking करने से आप उस चीज के प्रति confused हो जाते हैं.

Tips To Stop Overthinking

लेकिन Overthinking करना बुरा नहीं है क्योंकि Past में जितने भी Scientist हुए हैं क्या वह Overthinking नहीं करते थे या करते थे फिर यह व्यक्ति आज success को प्राप्त कर चुका है क्या Overthinking क्यों नहीं करता था.

Overthinking या फिर सोचना Problem नहीं है क्योंकि यदि आप सोचोगे नहीं तो आपने और जानवर में कोई भी अंतर नहीं रह जाएगा क्योंकि आप सोच समझ कर खुद को जानवर से बचा सकते हैं लेकिन जानवर सोच-समझकर खुद को आप से नहीं बचा सकते. इसीलिए Overthinking करना सही है सोचना problem नहीं है लेकिन wrong thinking या गलत सोचना बहुत बड़ी Problem है.

Stop Overthinking Yourself – By Sandeep Maheshwari In Hindi

The Wrong thinking Also the problem Right thinking is not a problem but what is wrong thinking?  Do you know about wrong thinking ? We can easily find the solution of the problem with a clear mind and clear thinking. So what is the clear mind and how can we convince our mind to thing right.

Its easy But every people have their own thinking which wrong or right. But we can not know its wrong or wright. Every Human Thinking It maybe wrong or right. if you want to stop overthinking yourself so you must have read this post carefully.

कभी कभी ज़रूरत से ज्यादा ओवर कॉन्फिडेंस आपको असफल कर सकता है

क्योंकि हम किसी व्यक्ति की सोच को नहीं पकड़ सकते wrong thinking और right thinking में सबसे बड़ा अंतर यही है. कि जो लोग believe में पड़े हुए हैं वह Wrong Thinking है लेकिन जो लोग Reality में सोचते हैं वह Right Thinking है यानि कि आपकी सोच Clear होनी चाहिए क्योंकि उस Believe Illusion के ऊपर Based होती हैं लेकिन Reality तो Reality ही है ना.

आप जो भी सोचते हो वह believe के ऊपर सोचते हो यदि आपको कोई भी टॉपिक दे दिया जाता है या फिर आपको कोई बात कही जाती है तो आप उस पर विश्वास कर उसके बारे में सोचते हो For भगवान है या नहीं ? God is or not? कुछ लोगों का मानना है कि God है तो यह क्या है Trust है.

OVERTHINKING

लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि God नहीं है तो यह Reality है दोनों में बहुत अंतर है क्योंकि हमें यह विश्वास हमारे Parents, Teacher Books जाता है. कि God है लेकिन क्या वो सच में है और अलग-अलग धर्मों में अलग-अलग ईश्वर के बारे में बताया जाता है और जिस वजह से लड़ाई होती है तो क्या God सच में है नहीं ना. Believe के based पर thinking बुरी है क्योंकि ऐसे दिमाग में Confusion और  Con flex  होते हैं लेकिन Clear Mind में जो reality के based पर सोचता है उसके दिमाग में confusion और con-flexes  नहीं होते हैं.

 How to stop Overthinking Yourself ?

और इसी वजह से Mind Sharpe होता है जो mind believe के based पर thinking करता हो उसे problem है confused mind कहते हैं con flex mind कहते हैं लेकिन जो reality के based पर सोचता है clear mind कहते हैं तो आप किस चीज पर सोचते हैं. ये आपकी problem है.

लेकिन यदि आप से कोई पूछता है भगवान है या नहीं तो यह क्या है reality है कि मुझे नहीं पता कि भगवान हैं या नहीं क्योंकि आप को सच में नहीं पता कि भगवान हैं या नहीं. आप यदि believe के based पर सोचते है कई सारी problems होती हैं इस दुनिया हर कोई overthinking करता है और दिन से लेकर रात को सोने तक Overthinking करता रहता है जैसे कि आप कोई Horror movie देख कर घर आते हैं.

Stop Overthing

या फिर आपका कोई दोस्त आपको horror story सुनाता है तो आपके दिमाग में भूत प्रेत devil evil monster etc. चलने लगते हैं तो क्या यह सच में होते है नहीं न. Is it real ? लेकिन आपको खुद को पता है कि इस movie में जो भूत बना है वो real में इंसान ही है जो कि makeup के द्वारा evil बनाए जाते हैं.

लेकिन हम लोगों की बात करें तो हमें कैसे पता चलेगा कि यह आदमी बुरा है या अच्छा है उसके बारे में OT थिंकिंग करने लगते हैं लेकिन सच यह कैसा है ये नहीं पता है क्योंकि इस दुनिया में कोई भी आदमी अच्छा नहीं है और कोई भी आदमी बुरा नहीं है जो आदमी सबसे बुरा है उस में कुछ ना कुछ तो अच्छा ही होगी और से आदमी सबसे अच्छा है.

How to Stop Overthinking Yourself ? – with simple way

उसका कुछ ना कुछ तो बुराई होगी लेकिन आप जिस based पर उनके बारे में अच्छा या बुरा सोच रहे हो वह imagination or illusion के based पर भी तो हो सकता है यह आप उससे बात कर कर ही पता चलेगा आप उनसे directly पूछ सकते हैं या indirectly पूछ हो सकते.

यदि आप को उनके बारे में कुछ लग रहा है तो आप उनसे जाकर पूछ ले तो आपको पता चल जाएगा कि यह आपका believe है या फिर आपका या फिर Reality है. दिमाग में किसी भी चीज को किसी thoughts को पड़े ना रहने दें क्योंकि यह mind में सड़ने लगते हैं और जिससे mind भी सड़ने लगता है.

जैसे कि आप किसी से नफरत करते हो तो आप उसके बारे में बुरा सोचते रहते हो और सोचते सोचते उसके दिमाग में उसके प्रति सड़न बनने लगती है आपसे बात करके उसे से नफरत के बारे में कहें या फिर कमरा बंद करके जोर-जोर से चिल्लाएं अपनी बाढ़स तकिये पर निकल सकते है.

आपकी खुन्नस आप उस पर निकल जाएगी आप किसी को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं तो यह overthinking करते है आप इस से कभी भी खुश नहीं रह पाओगे खुद को माफ़ करना सीखें आप खुद को लोगों से Compare ना करें क्योंकि Compare और Competition करने से आपका ही नुकसान होता है. खुद को किसी से ना तो कम समझना है ना ही उससे ज्यादा समझना है That is life’s rules.

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