VIDEO: मानव इतिहास की सबसे बड़ी जीत, जब 60 मुसलमानों ने 60 हजार को हरा दिया

हमेशा से ही यही है कि अगर किसी भी चीज के प्रति हमारी श्रद्धा ,भक्ति ,विश्वास और इरादे नेक है तो वह कितने भी बड़े मुश्किल काम क्यों ना हो हमें उसमें सफलता जरूर मिलती हैं। घर में आत्मविश्वास,इच्छाशक्ति ,एकता और लगन हो तो हम कि बड़े से बड़ा काम बहुत ही आसानी से कर सकते हैं। इस बात का जीता जागता मिसाल है सदियों वर्ष पहले यरमूक का युद्ध।

1- एकता और विश्वास की मिशाल

यर्मोक का युद्ध बीजान्टिन साम्राज्य की सेना और रशीदुन खिलाफत की मुस्लिम अरब सेनाओं के बीच एक बड़ी लड़ाई थी। 6 मार्च, 636 में यर्मोक नदी के पास छह दिनों तक चली थी। जंग में सहाबी-ए-रसूल अबु उबैदा मुसलमानों के सिपहसालार थे। जब रोमियो ने मुसलमानों पर हमला किया तो खालिद बिन वलीद ने अपने 60 आदमियों के साथ 60 हजार की फौज को अपनी एकता,विस्वास के बदौलत हरा दिया था। इस तरह वहां पर रोमियो शासन पूरी तरह से खत्म हो गया,बाकी बचे लोग वहां को छोड़कर चले गए।

2- ये था उनके लिए ऐतिहासिक क्षण

जब जबला बिन ऐहम गस्सानी साठ हज़ार सवारों को ले कर मैदान में आया और उसे आते हुए मुजाहिदों ने देखा,तो फौरन हज़रत अबू उबैदा को इस अम्र की इत्तिला पहूंचाई। हज़रत अबू उबैदा रजियल्लाहु अन्हु ने मुजाहिदों को पुकारा और मुसल्लह हो कर मैदान मे जाने का हुक्म दिया। तमाम मुजाहिद अपने हथियारों और घोडों की तरफ दौडे और मैदान में जाने का कस्द किया।

3- इस वाकया पर हज़रत अबू सुफियान रजियल्लाहु अन्हु ये फ़रमाया

हज़रत अबू सुफियान रजियल्लाहु अन्हु ने पूछा वाक्य आप 30 आदमीयों को लेकर 60 हजार से लडने का इरादा रख़ते हैं ? फरमाया :- हां मेरा यही इरादा है। उन्होंने कहा कि हम आपके 2000 सैनिक हमारे 1 सैनिक के बराबर है। अपने लश्कर से 30 आदमी चुनना और लडे हमारा एक आदमी 2 हजार दूश्मनों से ( यानी एक मुजाहिद के सामने 2 हजार दूश्मन) सिर्फ 30 आदमी ले कर 60 हजार से लडने जाने की हज़रत खालिद बिन वलिद रजियल्लाहु अन्हु की बस सुनकर सब चौंकाने रह गए और उनकी बहादुरी आत्मविश्वास को देख कर हैरान रह गए कि आखिरकार यह कैसे संभव हो सकता है।

4- बहादुरी से जीत हुई हासिल

रोमियो सेना के प्रमुख ने जब यह बात सुनी तो उन्हें बहुत ज्यादा ही गुस्सा आया और उन्होंने अपनी सेना को तुरंत आक्रमण करने के लिए कह दिया। अनोखी सेना और तेज तलवार की धार में रोमियो सेना को परास्त करना शुरू किया और काफी समय के बाद लगातार युद्ध होते हुए अंत में रोमियो साम्राज्य 59 मुसलमानों द्वारा परास्त हो गया और युद्ध मैदान को छोड़कर भाग गया। इस तरह इस युद्ध में मुसलमानों की जीत हुई और यह इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि ,अगर बहादुरी और विश्वास बना है, तो दुनिया की कोई भी चीज हमें परास्त नहीं कर सकती हैं।

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