सरकार पर NDTV ने लगाया बड़ा आरोप, कहा – स्वतंत्र पत्रकारिता की वजह से …

स्‍वतंत्र पत्रकारिता, पत्रकारिता की सबसे महत्‍वपूर्ण विधाओं में से एक है। कोई भी व्‍यक्ति जो स्‍वतंत्र पत्रकार के तौर पर काम करना चाहता है और अपनी रचनात्‍मक क्षमता के जरिए आगे बढ़ता है तो उसके लिए इस विधा में अपार संभावनाएं हैं। स्‍वतंत्र पत्रकारिता में आप किसी के अधीन होकर काम नहीं करते हैं बल्कि अपने रचनात्‍मक कार्यों के बल पर पत्र-पत्रिकाओं के जरिए पाठकों के बीच अपनी पहचान बनाते हैं। समय के साथ देश में पत्रकारिता में भी काफी तरह के बदलाव आ गए हैं। कभी-कभी हमें खबर आती रहती है कि आज की मीडिया बिकाऊ हो गई है ,राजनैतिक दल उसका फायदा उठा रहे हैं और वह वही दिखाती है जो उनके राजनीतिक दल चाहते हैं। देश के माने जाने चैनल एनडीटीवी की वेबसाइट का भी यही आरोप है कि, मौजूदा सरकार उस पर स्वतंत्र पत्रकारिता के कारण निशाना बना रही है।

1- एनडीटीवी को कारण बताओ नोटिस जारी

विदेशी विनिमय कानून (फेमा) के उल्लंघन के आरोप मेंप्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निजी टेलीविजन समाचार चैनल एनडीटीवी पर 4000 करोड रुपए के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। ईडी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि एनडीटीवी पर 1,637 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून और साथ ही साथ 2,732 करोड़ रुपये के एक और विदेशी निवेश का मामला सामने आया है।

2- छवि खराब करने की साजिश

एनडीटीवी वेबसाइट पर इस तरह के आरोप लगने के बाद एनडीटीवी ने इस तरह के सारे आरोपों को खारिज कर दिया और सफाई देते हुए कहा कि फेमा द्वारा लगाए गए यह सारे आरोप बेबुनियाद हैं। इन आरोपों का केवल एक ही मकसद है ,जनता के बीच में हमारे चैनल की छवि को बर्बाद करनाम उन्होंने सरकार पर यह आरोप लगाया कि यह केवल एक साजिश के तहत हो रहा है।

3- सरकार कर रही लोकतंत्र को ध्वस्त

ऐसा करके सरकार दूसरे चैनलों को यह दिखाना चाह रही है कि अगर उनके मन मुताबिक समाचार नहीं पेश किए गए थे उनका भी यही हश्र होगा। एनडीटीवी ने खुद को स्वच्छ और साफ सुथरी स्वतंत्र पत्रकारिता का उदाहरण बताया। साथ ही साथ कहा कि, सरकार के खिलाफ सच को उजागर करता है तो उनपर बड़े-बड़े मुकदमे और नोटिस जारी कर उन्हें परेशान किया जा रहा रहा है।

4- ईडी ने लगाए आरोप

एफडीआई प्राप्त करने के पहले कथित मामले में ‘‘एनडीटीवी द्वारा 2005 के प्रेस नोट-1 के प्रावधानों का 319 करोड़ रुपये का बड़ा उल्लंघन किया। मीडिया से बातचीत करने के दौरा ईडी ने बताया कि,जांच में एनडीटीवी द्वारा 1,637 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन का मामला सामने आया है। इसके लिए एक अन्य मामला 2,732 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश का है।

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