इनके आगे झुकी सरकार, PMO को डिलीट करना पड़ा ये ट्वीट

पीएमओ द्वारा किए गए एक ट्वीट पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल 2 दिन पहले पीएम मोदी द्वारा सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर एक ट्वीट किया गया था। जिसमें पीएमओ ने चौधरी छोटू राम को जाटों का मसीहा बताया था।

1- पीएमओ ने सोशल मीडिया पर किया विवादित ट्वीट

आपको बता दें कि पीएमओ द्वारा किए गए ट्वीट में लिखा था कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे किसानों की आवाज जाटों के मसीहा रहबर ए आज़म दीनबंधु चौधरी छोटूराम जी की इतनी भव्य और विशाल प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर मिला। यहां इस सभा में आने से पहले मैं चौधरी छोटूराम जी की याद में बने संग्राहलय में भी गया। यह ट्वीट पीएम मोदी द्वारा किया गया था। आपको बता दें कि इससे ट्वीट के चलते पीएम मोदी और बीजेपी कांग्रेस के विरोध का निशाना बन गए हैं।

2- छोटूराम चौधरी पर हुआ विवाद

जिसके चलते पीएमओ को यह ट्वीट डिलीट भी करना पड़ गया है इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वकील और युवा जाट नेता सुखविंदर नारा ने कहा है कि सर छोटूराम एक जाति विशेष नहीं अपितु किसान मजदूर और गरीबों के मसीहा थे। इसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी मोदी सरकार पर ट्वीट को लेकर निशाना साधा है।

3- विवाद बढ़ता देख पीएमओ ने डिलीट किया ट्वीट

आपको बता दें कि सुखविंदर नारा ने कहा है कि पीएमओ ने इस ट्वीट को डिलीट कर अपनी गलती स्वीकार कर ली है लेकिन उन्हें इस तरह की जाती सूचक भाषा इस्तेमाल करने वाले ट्वीट के कारण देश की जनता से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।

4- लोकसभा चुनाव से पहले बढ़ी बीजेपी की परेशानी

सुखविंदर नारा का कहना है कि छोटू राम को बीजेपी ने सिर्फ एक जाति तक सीमित रखकर उनके रुतबे को कम किया है और भेदभाव की राजनीति कर एक नया षड्यंत्र रचने की कोशिश की है। उनका कहना है कि आने वाले लोकसभा चुनाव के चलते बीजेपी भले ही जाती है और धर्म की राजनीति करने और खेल खेलने में लगी हुई है लेकिन यह सब हरियाणा में नहीं चलेगा।

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