मनचले लड़कों के माँ-बाप छात्रावास में घुसे और लड़कियों को बुरी तरह मारा

सुपौल: हम बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन जब भी कोई किसी लड़की के साथ छेड़खानी करता है तो चुप्पी साध लेते हैं, यहाँ तक की बलात्कार जैसी घटनाओं पर भी चुप्पी साध ली जाती है पर बिहार में एक ऐसा मामला सामने आया है जो इस सब से कहीं बढ़कर है. सुपौल में हुई इस घटना के बारे में आपको पता चलेगा तो आप समझ पायेंगे बुराई किस क़दर फैल गयी है.

1- हॉस्टल की दीवार पर लिखी गन्दी बातें

मनचले लड़कों ने गर्ल्स हॉस्टल की दीवारों पर अपशब्द लिखे जिसका छात्राओं ने विरोध किया. इसी में कुछ छात्रों ने मनचले लड़कों को पीट दिया. इसके बाद जो हुआ वो समाज को शर्मसार कर देगा. घटना इस क़दर निंदनीय है कि आप सोच नहीं सकते. ये छेड़खानी को बढ़ावा देने वाली बात है और इसमें मनचलों के माँ-बाप भी शामिल हैं.

2- मनचले लड़कों के माँ-बाप छात्रावास में घुसे और लड़कियों को बुरी तरह मारा

इस घटना के बाद हुआ ये कि माँ-बाप बजाय अपने लड़कों को समझाने के वो लड़कियों को ही पीटने पहुँच गए. टीम बना कर पहुंचे ये अभिभावक हॉस्टल में घुस गए और लड़कियों को बुरी तरह पीटा. इस हमले में घायल 34 छात्राओं को इलाज के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराना पड़ा, जिनमें 14 की हालत चिंताजनक है।

3- कस्तूरबा आवासीय बालिका विधालय की घटना

इस घटना ने सभी को शर्मसार कर दिया है. ये समाज का वो रूप दिखता है जिसमें लड़के लड़कियों का बलात्कार भी कर दें लेकिन उनके घर वाले कभी इस बात को मानेंगे नहीं. जिन लोगों ने यौन उत्पीडन झेला है वो भी इस मामले में चुप्पी साध कर अपने ही बच्चों का पक्ष लेते हैं. ये समाज को बुरे से बुरा बनाता जा रहा है. घटना सुपौल के कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय की है.

4- घटना के बारे में लड़कियों ने अध्यापकों को की थी शिकायत

लड़कियों की शिकायत कहाँ सुनी जाती है. अक्सर उन्हें चुप रहने की हिदायत दे दी जाती है. वही हुआ जब लड़कियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद उन्हें वही कहा गया जो आम लड़कियों को कहा जाता है कि चुप रहो, खामोश रहो. जब वो बोलीं तो उन्हें जो झेलना पड़ा है वो अपने आप में खौफ़नाक है.

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