कमल हसन के इस बयान से राजनीति गर्म, कांग्रेस को लेकर दिया…

देश में होने वाले आगामी लोकसभा को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी है. दरअसल इस बार सभी का मुकाबला भाजपा और मोदी से होने वाला है. ऐसे में अब एक तरफ जहाँ भाजपा मोदी के सहारे एक बार फिर से सत्ता हासिल करना चाहती है, तो दूसरी तरफ देश भर के कमोबेश सभी पार्टियाँ समझौता करने के मूंड में दिख रही है.

1- लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट

फिलहाल सभी जगह बिहार की तर्ज पर गठबंधन करने के बात कही जा रही है. फिलहाल इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि पिछली बार की तरह इस बार देश में मोदी लहर का कोई नामो निशाँ नहीं है. वहीँ एक हकीकत यह भी है कि मोदी सर कार का यह कार्यकाल ख़त्म होने वाला है लेकिन उनके पास ऐसी कोई भी उपलब्धि नहीं है, जिसने नाम पर एक बार फिर जनता के सामने जाकर वोट माँगा जा सके.

2- एमएनएम ने गठबंधन करना चाहती है कांग्रेस

ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है कि भाजपा एक बार फिर अपना वही पुराना मंदिर से लेकर पाकिस्तान और गौरक्षा का मुद्दा ला सकती है. इसलिए अब कांग्रेस हर रणनीति की काट तलाश कर रही है. फिलहाल कांग्रेस अलग अलग सूबों में मज़बूत दखल रखने वाली पार्टियों को अपने साथ लाना चाहती है. इसी वजह से कांग्रेस ने हाल ही में गठित हुई दक्षिण के सुपरस्टार कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मैयम (एमएनएम) के साथ गठबंधन करना चाहती है.

3- कमल हासन ने रख दी यह शर्त

लेकिन अब कमल हासन ने कांग्रेस के सामने गठबंधन की ऐसी शर्त रख दी है, जिसकी वजह से कांग्रेस बेचैन हो गई है. दरअसल कुछ दिन पहले कमल हसन राहुल गाँधी से मिले थे, जिसके बाद तमाम तरह के कयास लगाये जा रहे थे. ऐसे में अब कांग्रेस के सामने शर्त रखकर सभी को हैरान कर दिया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन तभी होगा जब कांग्रेस डीएमके से अपना गठबंधन तोड़ दे. फिलहाल इस पर अभी कांग्रेस के बयान नहीं आया है.

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