इन दो बड़ी पार्टियों में हुआ गठबंधन, सभी पार्टीयों में खलबली

आन्दोलन से उपजी दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने जिस तरह पूरे देश में अपना उभार किया है, वह वाकई में दिलचस्प है. बता दें कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी का जनाधार बढ़ता ही जा रहा है. वहीँ इसके चीफ अरविन्द केजरीवाल अब आम आदमी पार्टी का विस्तार देश भर में करना चाह रहे हैं.

1. केजरीवाल को मिली बड़ी कामयाबी

पिछले दिल्ली के विधनासभा चुनाव में आम आदमी पार्टी एक चमत्कार के रूप में उभरी और कांग्रेस और भाजपा का सूपड़ा साफ़ कर दिया. बता दें कि पहले विधानसभा चुनाव के बाद अरविन्द केजरीवाल ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई थी लेकिन बाद में उन्होंने खुद ही सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था और दिल्ली में एक बार फिर से विधानसभा चुनाव हुआ.

2. पार्टी का दुसरे राज्यों में हुआ विस्तार

हालाँकि अरविन्द केजरीवाल के इस्तीफे के बाद तरह तरह की बात कही जा रही थी. लोगों का कहना था कि अरविन्द केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा देकर सबसे बड़ी गलती की और अब अगले चुनाव में उन्हें ज्यादा सीटें नहीं मिल सकतीं. लेकिन जब चुनाव हुआ तो सबके होश उअद गए. दरअसल दुसरे विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने ज़बरदस्त तरीके से वापसी की और विपक्ष का सूपड़ा साफ़ करते हुए एतिहासिक बहुमत के सत्ता में आई.


3. राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक पार्टी का हुआ विलय

हालाँकि आम आदमी पार्टी ने पिछले लोकसभा चुनाव में भी देश भर में अपना उम्मीदवार उतारा था लेकिन उसे इस चुनाव में कामयाबी नहीं मिली. ऐसे में अब अरविन्द केजरीवाल दूसरों राज्यों में भी अपनी आम आदमी पार्टी के लिए सियासी ज़मीन तलाश रहे हैं. अब उन्हें एक बड़ी कामयाबी मिली है.

दरअसल लोकसभा चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक पार्टी का आम आदमी पार्टी में विलय हो गया है और आम आदमी पार्टी की तेज़ तर्रार महिला विधायक अलका लम्बा की मौजूदगी में राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक पार्टी के पदाधिकारियों ने आम आदमी पार्टी की सदस्य ग्रहण की है.

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