गठबंधन को लेकर मायावति के बाद अखिलेश ने तोड़ी चुप्पी, दिखाए

राजनीति में कब कौन किसके साथ हो जाए कुछ पता नहीं है. एक समय जहां ये लग रहा था कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बसपा मिलकर चुनाव लड़ने वाले हैं, उसी समय कुछ ऐसा हो गया की कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फिर गया.

1- मायावती ने कहा गठबंधन को ना

बसपा अध्यक्ष मायावती अचानक ही सामने आयीं और कहा की वो मध्य प्रदेश में अकेले ही चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने राजस्थान के बारे में भी यही कहा, हालाँकि राजस्थान में बसपा उतनी मज़बूत नहीं है जितनी मध्य प्रदेश में है. ऐसे में मायावती ने जिस तरह से साफ़ कहा की वो कांग्रेस के कुछ नेताओं से खफा हैं, पार्टी उन्हें मनाने की कोशिशें करने लगी.

2-अब अखिलेश ने दिया बड़ा बयान

कांग्रेस को एक झटका मायावती ने दिया तो एक झटका देने को अखिलेश भी तैयार बैठे हैं. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा,”कांग्रेस को समय बर्बाद नहीं करना चाहिए. बल्कि भारतीय जनता पार्टी के ख़िलाफ़ संघर्ष में समान विचारधारा वाले दलों के प्रति बड़ा दिल दिखाना चाहिए.” एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अखिलेश ने कहा,”ज़िम्मेदारी कांग्रेस की ज़्यादा बनती है. उसे सोचना चाहिए कि उसे अन्य दलों के साथ गठबंधन करना है या नहीं. कहीं ऐसा न हो कि समय निकल जाए और दूसरे दल अपने उम्मीदवार घोषित कर दें.”

3- कांग्रेस ने शरू की कोशिश

कांग्रेस ने एक बार फिर गठबंधन बनाए जाने की कोशिशें की हैं. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस बारे में बयान दिया है कि मायावती का भरोसा अगर राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी में है तो उन्हें गठबंधन पर पुन विचार करना चाहिये. इस बारे में सुरजेवाला ने कहा की कई बार ऐसा होता है की जज़्बात में कोई कुछ बोल देता है लेकिन इसका अर्थ बहुत नहीं निकला जाना चाहिए. सुरजेवाला ने मायावती से एक बार फिर अपने फैसले पर विचार करने के लिए कहा है

4- मध्य प्रदेश में सपा से तुरंत गठबंधन करना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस अब आनन् फानन में सपा से हाथ मिलाना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि सपा उसके साथ गठबंधन कर ले. सपा उत्तर परदेश बॉर्डर की सीटों पर मज़बूत है इसलिए कांग्रेस चाहती है कि सपा साथ आ जाए.

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