चुनाव से पहले 22 मुस्लिम संगठन एक हो कर आये सामने, रखी ये मांग

लोकसभा चुनाव से पहले कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इन राज्यों में राजस्थान का नाम भी शामिल है, जहाँ पर भाजपा की सरकार है. हालाँकि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि राजस्थान में वसुंधरा राजे की सरकार ने जनता नाराज़ दिख रही है. ऐसे में भाजपा को हार का डर सता रहा है. वहीँ बीते दिनों ऐसे कई मामले सामने आये हैं, जब सीएम वसुंधरा को विरोध का सामना करना पड़ा है.

1. मुस्लिम संगठन हुए एक

ऐसे में अब जीत का सारा दारोमदार हर बार की तरह इस बार भी मोदी और अमित शाह पर दिख रहा है. फिलहाल यहाँ पर मोदी और अमित शाह की जोड़ी कोई कमाल दिखा पाएगा या नहीं यह तो आने वाला वक़्त बताएगा लेकिन इससे पहले भाजपा के लिए एक और बड़ी मुसीबत सामने आकर खड़ी हो गई है. दरअसल इस बार के चुनाव में लोग अपने हक के लिए मांग उठाने लगे हैं और प्रतिनिधित्व की मांग की जा रही है.

2. सियासी पार्टी के सामने रखी मांग

इसी कड़ी में अब मुस्लिम समाज के तमाम संगठन एक मंच पर आ गए हैं. एक साथ आकर इन संगठनों ने अंजुमन तालीमुल इस्लाम के बेनर तले आकर सियासी पार्टियों से अपने प्रतिनिधित्व की मांग की है. इस संगठन ने कहा है कि चुनाव से पहले समाज के विकास के लिए अपना एजेंडा प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि जो पार्टियाँ उनकी इस मांगों को पूरा करने का आश्वासन देगी, यह संगठन चुनाव के दौरान उनका साथ देंगे.

3. चाहिए प्रतिनिधित्व

यूँ तो आम तौर पर देखा गया है कि मुस्लिम समाज का वोट भाजपा के मुकाबले कांग्रेस की ओर जाता है लेकिन अब इन संगठन से साफ़ कर दिया है कि इस बार चुनाव में सबसे पहले समाज हित की बात को ध्यान में रखा जायेगा. इसके अलावा उनकी मांग है कि उनके समाज के लोगों को सियासत में ठीक प्रतिनिधि भी मिले.

Facebook Comments