इस मामले में भाजपा मंत्री के खिलाफ ग्रिफ्तारी का आदेश, हर तरफ मची …

कभी कांग्रेस का बड़ा चेहरा रहीं रीता बहुगुणा इन दिनों भाजपा में हैं. फिलहाल वह योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. कांग्रेस छोड़ भाजपा में आने का उन्हें यह फायदा तो मिलना ही था. लेकिन अब एक सालों पुराने मामले ने उनके लिए परेशानी खड़ी कर दी है और कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी का गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश सुना दिया है.

1. रीता बहुगुणा के ऊपर आई मुसीबत

दरअसल योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा के खिलाफ जारी वारंट जरी होने से पहले कोर्ट ने उनके खिलाफ कई जमानती वारंट जारी किया था लेकिन बावजूद इसके वह कोर्ट में पेश नहीं हुई थी. अब इसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ यह एक्शन लिया है. बता दें कि योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा के खिलाफ यह वारेंट माननीयों के मुकदमे के लिए गठित विशेष अदालत ने सुनाया है.

2. जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट

दरअसल जिस मामले में उनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है, वह साल 2010 का है. उनके खिलाफ वजीरगंज थाने मेंमुकदमा दर्ज हुआ था. आरोप था कि उन्होंने धारा 144 लागू होने केबावजूद शहीद पथ पर सभा का आयोजन किया था.

3. कोर्ट में होना होगा मौजूद

वहीँ इस दौरान हालत बिगड़ भी गए थे और तोड़फोड़ की घटना के साथ आगजनी भी हुई थी. बता दें इसके साथ ही अब कोर्ट के इस आदेश के बाद रीता बहुगुणा को 31 अक्तूबर हर कीमत पर कोर्ट में मौजूद रहना पड़ेगा. इसके अलावा उन्हें कानून और कोर्ट की कई हर बात का पूरी ज़िम्मेदारी के साथ पालन करना होगा.

वहीँ कोर्ट ने यह भी गाइडलाइन जारी की हैं कि वह न तो सबूत को मिटाने की कोशिश करेंगी और न ही इस मामले में गवाहों और चश्मदीदों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगी. इसके अलावा कोर्ट ने उन्हें इस मामले की सुनाई में सहयोग करने के लिए भी कह है. कोर्ट ने उनके इस मामले की सुनवाई में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न करने की हिदायत दी है.

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