हरकतों से तंग आकर भाजपा ने तीन प्रवक्ता पर लगाई पाबंदी, ये बड़े प्र…

इन दिनों देश भर में विवादित बयान आये दिन सुनाई दे रहे हैं. असल में यूँ देखा जाये तो अपने अपने सियासी फायेदे के लिए कमोबेश सभी पार्टी के नेता इसमें शामिल हैं. इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मौजूदा समय के सियासी ने शिष्टाचार को ताख पर रख दिया है. ऐसे में अब इन नेताओं ने किसी भी तरह के इमानदारी की उम्मीद करना मानों बेईमानी है.

1. भाजपा ने प्रवक्ता पर लगाया बैन

फिलहाल सियासत में कब स्वच्छता अभियान चलेगा, यह बात तो आने वाले वक़्त में ही पता चलेगी. बड़ी बात यह है कि फ़ालतू बयानबाजी करने आज कल नेता आसानी से निकाल जाते हैं और उन्हें इसकी वजह से कोई नुकसान नहीं होता है, उल्टा फायदा ज़रूर होता है इसलिए ही वह इस तरह की बयानबाज़ी करने में ज़रा सा भी नहीं कतराते हैं.

2. नही दे पाएंगे बयान

अब यह बात अलग अलग है कि कोई नेता किस तरह की बयानबाजी कर रहा है. चुनाव का वक़्त आता है तो मज़हब के आधार पर बयानबाजी शुरू हो जाती है. इसके अलावा युवाओं को अपने साथ लाने के लिए खूब बयानबाजी की जा रही है. वहीँ एक हकीक़त यह भी है कि विवादित बयानबाज़ी में सबसे ज्यादा भाजपा के नेता शामिल हैं. इसकी वजह से पार्टी की खूब किरकिरी भी होती है.

3. देते थे विवादित बयान

ऐसे में अब ऐसे नेताओं पर भाजपा ने शिकंजा कसने की कोशिश की है. खबर है कि भाजपा ने अपने तीन प्रवक्ताओं पर बयान देने पे पाबन्दी लगा दी है. इन नेताओं में महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता मधु चव्हाण से लेकर घाटकोपर से विधायक राम कदम भी शामिल हैं. इसके अलावा पार्टी ने प्रवक्ता अवधूत वाघ पर बैन लगा दिया है. आपको बता दें कि यह वही नेता हैं जिन्होंने ने पीएम मोदी को भगवान विष्णु का ११वा अवतार बता दिया था. हालाँकि फिलहाल इन तीनों नेताओं ने इन बातों से इनकार किया है.

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