भारत का सबसे गंदा शहर कौन सा है ? सर्वे में आया इस मंत्री के शहर का नाम

केंद्र की सत्ता में आने से पहले मोदी ने देश की जनता से खूब वादे किये थे और अच्छे दिन का सपना दिखाकर देश भर से खूब वोट हासिल किये, जिसका नतीजा हुआ कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने में कामयाब हो गई.

 

1. मोदी की एक और योजना फेल

लेकिन अब मोदी सरकार का यह कार्यकाल ख़त्म होने वाला है और इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि फिलहाल मोदी या भाजपा के पास ऐसी कोई उपलब्धि नहीं है, जिसे सामने रखकर इस बार के लोकसभा चुनाव में जनता के सामने जाया जाये और उनसे वोट माँगा जाए. ऐसे में अब इस बात की पूरी उम्मीद है कि जैसे जैसे लोकसभा चुनाव का वक़्त करीब आएगा, वैसे वैसे भाजपा अपने पुराने अजेंडे पर आ जाएगी.

2. योजना के ज़रिये सिर्फ खुद की ब्रांडिंग

बहरहाल, इन चार सालों में मोदी ने कई बड़ी योजनाओं का ऐलान किया और उस पर जनता के पैसे बेतहाशा खर्च किये गए, लेकिन इस बात से सभी वाकिफ हैं कि मोदी सरकार की योजनाओं का लाभ शायद इ किसी को मिला होगा.

3. स्वच्छ भारत अभियान की खुली पोल

चाहे नोटबंदी हो या फिर कोई और नीति, भाजपा कमोबेश हर मोर्चों पर फेल होती नज़र आई है. बात अगर स्वच्छ भारत अभियान की करें तो इस योजना को मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तौर पर पेश किया गया. लेकिन इस योजना का हाल भी मोदी की बाकी की योजनों की तरह हो हुआ.

4. योगी के प्रदेश में निकला भारत का सबसे गंदा शहर

मसलन इसके मद में खूब पैसे उड़ाए गएँ और मोदी ने अपनी और अपनों पार्टी क ब्राडिंग की. ऐसे में साफ सफाई की समस्या तो जस की तस बनी ही रही लेकिन मोदी ने खुद को इस योजना के ज़रिये एक ऐसे नेता के तौर पर स्थापित कर लिया, जो देश को स्वच्छ बनाना चाहता है, जैसी कोशिश गाँधी ने भी की थी.

बहरहाल, अब हाल ही में स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 की रिपोर्ट आई है जिसमे यूपी के शहर गोंडा को भारत का सबे गंदा शहर बताया गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि योगी सरकार खुद मोदी सरकार की योजना को पलीता लगा रही है.

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