अमृतसर रेल हादसे को लेकर झूठ का हुआ पर्दाफाश, पूरा सच आया सामने

पंजाब के अमृतसर में दशहरे के दिन हुए रेल हादसे के बाद राज्य में सियासत पूरी तरह से गर्म हो चुकी है। कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल हे के नेता इस हादसे को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। खबर सामने आई है कि इस रेल हादसे के बाद थाने पर शासन ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी धोखे में रखा।

1- सीएम अमरिंदर सिंह को स्थानीय प्रशासन ने रखा धोखे में

दरअसल सीएम अमरिंदर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि इस रेल हादसे में घायलों की संख्या 57 है लेकिन अब सामने आ रहा है कि घायलों की संख्या इससे भी दोगुनी है अमृतसर के 9 सालों में अब तक घायलों की संख्या लगभग 130 से ऊपर बताई जा रही है। आपको बता दें कि गुरुनानक अस्पताल में 44, सिविल अस्पताल में 62, अमनदीप अस्पताल में 13, मिलिट्री अस्पताल में दो, हरतेज अस्पताल में एक, केडी अस्पताल में एक, एपेक्स अस्पताल में दो, गुरु रामदास अस्पताल में पांच और एस्कार्ट अस्पताल में पांच मरीज दाखिल हैं।

2- घायलों की संख्या बता दी गलत

खबर के मुताबिक इस रेल हादसे में मारे गए लोगों के पीड़ित परिवारों को राज्य सरकार की ओर से पांच-पांच लाख की मुआवजा राशि दी गई है आपको बता दें कि इस मुआवजा राशि को कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धरमसोट सुखविंदर सिंह सरकारिया और नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा बांटा गया है।

3- नवजोत सिंह सिद्धू ने किया बड़ा एलान 

इस मौके पर सभी मंत्रियों ने कहा है कि पंजाब सरकार इस दुख के वक्त में पीड़ित परिवारों के साथ है और बाकी के परिवारों को भी जल्द से जल्द सहायता राशि दी जाएगी। इस मामले में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की कमी तो कभी पूरी नहीं हो सकती लेकिन सरकार द्वारा दी गई यह मदद परिवारों को राहत जरूर दे सकती है।

4- पीड़ित परिवारों को दी आर्थिक मदद

इसके साथ ही आपको यह भी बता दे कि नवजोत सिंह सिद्धू ने इस हादसे में अनाथ हो जाने वाले बच्चों को गोद लेने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने उन परिवारों को जिंदगी भर के लिए आर्थिक मदद देने की बात कही है जिनके घर में अब कमाने वाला कोई भी नहीं बचा है।

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