VIDEO: अब ये देश आया Palestine के support में, Gaza के पूर्णनिर्माण के लिए दिए 9 Million Dollar

जर्मन बैंक ने संयुक्त राष्ट्र कार्य परियोजना यू एन ओ पी एस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है ताकि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी को अधिक 9 मिलियन डॉलर के साथ गाजा पट्टी का फिर से निर्माण हो सके, ताकि वहां पर रह रहे फिलिप्स तीलियों को अपनी जिंदगी जीने में कोई भी असुविधा का सामना ना करना पड़े।

1- गाज़ा विवाद के सुलझने से होगी शान्ति

मिडल ईस्ट की खबर के मुताबिक 2014 में, इजरायल का गाज़ा पट्टी पर हमला करने के बाद उनके घर गृहस्ती और दैनिक दिनचर्या में प्रयोग होने वाले वस्तुओं और सामानों का निर्माण करने के लिए किए गए समझौते के दूसरे चरण में जुलाई में हस्ताक्षर किए गए थे। आपको बता दे कि,ग़ज़ा पट्टी इज़रायल के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक 6-10 किंमी. चौड़ी और कोई 45 किमी लम्बा क्षेत्र है। इसके तीन ओर इसरायल का नियंत्रण है और दक्षिण में मिस्र है। हालांकि जमीन के सिर्फ दो तरफ इसरायल है पर पश्चिम की दिशा में भूमध्यसागर में इसकी जलीय सीमा इसरायल द्वारा नियंत्रित होती है। गजापट्टी में कोई 15 लाख लोग रहते हैं जिसमें कोई 4 लाख लोग अकेले गज़ा शहर में रहते हैं।

2- गांजा पट्टी का इतिहास

1948 से लेकर 1967 तक इसपर मिस्र का अधिकार था पर 1967 के 6 दिन की लड़ाई चली।जिसमें इसरायल ने अरब देशों को निर्णायक रूप से हरा दिया। इसरायल ने मिस्र से यह पट्टी भी छीन ली जिसके बाद से इसपर इसरायल का नियंत्रण बना हुआ है।2005 में इसरायल ने फ़िलीस्तीनी स्वतंत्रता संस्था के साथ हुए समझौते के तहत ग़ज़ा और पश्चिमी तट से बाहर हट जाने का फेसला किया।जनवरी में २२ दिन के बाद इसरायल ने एकतरफ़ा संघर्षविराम की घोषणा की। इसके बाद भी ग़ज़ा से राकेट दागे गए।

3- पुनर्निर्माण का दूसरा चरण

समझौते में यह सुनिश्चित किया गया है कि ,दूसरे चरण में 15 मिलियन डॉलर इजरायल के 345 घरों का एक साथ पुनः निर्माण किया जाएगा, और उसके बाद जर्मन बैंक के द्वारा दिए गए 25 मिलियन डॉलर की रकम से लगभग 600 घरों का निर्माण कराया जायेगा। वहीं जर्मन के प्रतिनिधि कार्यालय से यह कहा गया है कि, वहां के सभी घरों के पुराने मार करने के लिए 115 मिलियन डॉलर यह रकम की व्यवस्था की गई हैं।

4- हो चुका है 115 घरों का पुनर्निर्माण

वहीं सूत्रों से पता चला है कि परियोजना के अंतर्गत उनके पिछले चरणों को अगर देखा जाए तो 115 घरों का पुनर्निर्माण हो चुका है। और इसी कड़ी में अब आगे के चरणों में बाकी घरों का निर्माण किया जाएगा। जिससे उनके रहन-सहन में कोई भी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। और वह आसानी से स्वतंत्रता के साथ सुख सुविधाओं में अपना जीवन यापन कर सकें।

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